Wednesday, February 12, 2020

Ganesh Chaturthi Essay In Hindi-गणेश चतुर्थी पर निबंध
Ganesh Chaturthi Essay In Hindi सभी धोरण 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 के लिए लिखा गया है आप इस  गणेश चतुर्थी पर निबंध  को अपने अभ्यास और परीक्षा में उपयोग में ले सकते है।  गणेश चतुर्थी भारत  मनाया जाने वाला प्राचीन त्यौहार है। 


Ganesh Chaturthi Essay In Hindi-गणेश चतुर्थी पर निबंध


प्रस्तावना :-  गणेश चतुर्थी भारत का एक पर्व माना जाता है। गणेश चतुर्थी हिन्दुओ का मुख्य त्यौहार है। गणेश चतुर्थी भारत के सभी राज्यों में मनाई जाती है यु कहे तो यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागो में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी महाराष्ट में बड़ी भूम धाम से मनाई जाती है वहा पर एक अलग ही रंग और बवाना देखने को मिलती है। गणेश चतुर्थी का एक बड़ा इतिहास भी है। गणेश भगवान का यह त्यौहार 11 दिनों के लिए होता है। महाराष्ट में यह केवल त्यौहार नहीं है बल्कि यह एक बड़ा उत्सव हो ऐसे लोग मनाते है। वह पर ये पर्व धूम धाम से हर्षोउल्लास , उमंग और पिरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर निबंध

गणेश चतुर्थी पर निबंध

गणेश चतुर्थी पर निबंध


गणेश उत्सव :- सब लोग कहते है और ग्रंथो के अनुशार जब  वेदव्यास जी ने महाभारत की कथा भागभन गणेश को 10 दिनों तक सुनाई थी और वो सुनते समय बागवान गणेश ने उनके नेत्र बांध कर लिए थे और जब महाभारत कथा 10 दिन बाद पूरी हुई और भगवन गणेश ने जब अपनी आंखे खोली तो उनका तापमान बहोत अधिक हो गया। ये देखकर वेदव्यास जी चिंतित हो गए थे और वेदव्यास जी ने गणेश जी को कुंड में स्नान करवाया था और तब्जके गणेश जी का तापमान कम हुआ था। इसीसलिए गणेश जी गर पर लाने  पर गणेश जी की पूजाकी जाती है। Ganesh Chaturthi Essay In Hindi


गणेश चतुर्थी पर निबंध


लोग  10 दिन गणेश जी को घर पर रखते है फिर 11 वे दिन गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। गणेश की मूर्ति को नदीमे या फिर समुद्र के पानी में विसर्जन करते है। यह पर्व कही सालो से मनाया जा रहा है  है की पेशवाओ के शाशन के बाद गणेश उतसव बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है

Ganesh Chaturthi Essay In Hindi

गणेश चतुर्थी की कथा :- पौराणिक कथाओ से पता चलता है की यह कथा भगवान शंकर और माता पार्वती पर आधारित है यह कथा शिव पार्वती के पुत्र   गणेश भगवान के जन्म पर है और इसी परसे हमें पता चलता है की गणेश चतुर्थी हम क्यू मनाते है। जनेश जी का जन्म नहीं हुआ था उनका निर्माण हुआ था। गणेशजी का निर्माण माता पार्वती जी के शरीर के मैल से हुआ था। माता पार्वती उनके स्नान के दरमियान गणेश जी को स्नानघर के बहार अपने रक्षक के रूप में उनको बिठा दिया और माता पार्वती स्नान करने  चली गई और भगवान शंकर इन सभी बातो से अपरिचित थे और उनको माता पार्वती से मिलना था और गणेश जी भी भगवन शंकर से अपरिचित थे। गणेश चतुर्थी पर निबंध


Ganesh Chaturthi Essay In Hindi-गणेश चतुर्थी पर निबंध


गणेशजी को माता पार्वती के आज्ञा का पालन करना था इसीलिए उन्होंने भगवान शंकर को अंदर जाने दिया नहीं इस बात से भगवान शिव क्रोधित हुए और गणेश जी का सर धड़ से अलग कर दिया और अपने रास्ते से हटा दिया। जब माता पार्वती को इन सब का पता चला तो वो भी भगवान शिव पर क्रोधित हुई और वास्तविकता बताई और गणेश को पुनः जीवित करने को कहा और तब भगवान शिव ने सभी देवी देवताओ को बुलाया और इनका हल पूछा तो सब ने कहा की कोई ऐसे पुत्र का सिर लाओ जिसकी पीठ उसकी माता की और हो।  Ganesh Chaturthi Essay In Hindi

गणेश चतुर्थी पूजा विधि:- गणेश चतुर्थी के दिन लोग गणेश जी की मुर्तिया घर पर स्थापित करते है। वो लोग 10 दिन तक बाप्पा की मूर्ति को घर पर रखते है और खूब सेवा अर्चना ,भजन कीर्तन ,आराधना करते है बाप्पा की आरती करते है उनका मन प्रसंद व्यंजन बनाते है प्रसाद में मोदक और लड्डू चढ़ाते है।जैसे की माना जाता है की रिद्धि सिद्धि को गणेश जी लाये थे उनके रूप में पान और सुपारी को रखा जाता है। और सिंदूर भी चढ़ाया जाता है। बाद में परिवार के साथ मिलकर गणेश जी की पूजा आरधना की जाती है और प्रसाद के रूप में लड्डू का भोग दिया जाता है। और गणेश जी के नाम का उच्चारण करते है। Ganesh Chaturthi Essay In Hindi

गणेश जी के नाम : - सुमुख,कपिल, गज कर्ण, गणाध्यक्ष,लंबोदर, विकट, विघ्न-नाशक, विनायक, धूम्रकेतु, भालचंद्र, गजानन,एकदंत,


सिद्धिबुद्धि पते नाथ सिद्धिबुद्धिप्रदायिने ।मायिन मायिकेभ्यश्च मोहदाय नमो नमः 
उपसंहार :- भारत त्योहारों से भरा देश है।  प्राचीन कल से यहाँ पर त्योहारों को मनाया जाता है।  गणेश चतुर्थी को प्राचीन युग से भारत देश में मनाया जाता है।  यह देश दिनों का त्यौहार सभी  जीवन में आन्नद लेकर आता है। 

Monday, February 10, 2020

Diwali Essay In Hindi - दिवाली पर निबंध
Diwali Essay In Hindi  सभी धोरण 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 के लिए लिखा गया है आप इस  दिवाली पर निबंध  को अपने अभ्यास और परीक्षा में उपयोग में ले सकते है।  दीपावली भारत  मनाया जाने वाला प्राचीन त्यौहार है। 


Diwali Essay In Hindi - दिवाली पर निबंध 


प्रस्थावना :-  ''दिवाली का त्यौहार भारत देश में मनाया जाता है''। भारत देश में दिवाली का त्यौहार सबसे बड़ा माना जाता है और बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। दिवाली केवल भारत में ही नहीं बल्कि भारत के बहार रहने वाले अन्य लोग भी दीवाली धूम धाम से मनाते है। दिवाली को दीपावली भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म के लिए दीपावली एक महत्व्पूर्ण त्यौहार होता है। हिन्दू धर्म के आलावा कही सारे लोग इस पर्व को बड़ी धूम धाम से मनाते है। दिवाली का त्यौहार हर किसी के लिए खुशिया लेकर आता है। दिवाली आने पर सभी लोग खुश हो जाते है चाहे वो बड़े हो या बच्चे।दीपावली के बारे में कहा जाता है की ये त्यौहार भगवान राम जी के 14 वर्ष के वनवास के बाद आयोध्या वापिस आने की खुसी में मनाया जाता है। इस दिन अयोध्या वासी ने गर गर पे घी के दिऐ जलाये थे और धूम धाम से उनका स्वागत किया था।   Paragraph On Diwali In Hindi


Diwali Essay In Hindi - दिवाली पर निबंध


दीपावली का त्यौहार:- दीपावली का त्यौहार 5 दिनों के लिए होता है सभी त्योहारों में सबसे बड़ा त्यौहार होता है। हमारे हिन्दुओ के त्यौहार में होली,रक्षाबंधन ,दशहरा ,महाशिवरात्रि और दीपावली है। दीपावली में दिप जलाने होते है और दिप जलाके प्रसन्न हो जाते है। यह दीपो का त्यौहार होने से मन इन सब को देख के प्रसन्न हो जाता है।(Diwali Essay In Hindi) यह त्यौहार कार्तिक महीने के अमावश्या के दिन मनाया जाता है। अमावश्या की रात अँधेरी होती है इस अँधेरी रात में दिप जलाते है और अमावस्या की ये रात दीपो से जगमगाने लगती है। करूं के भक्तिधारको का यह कहना है की श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध इसी दिन किया था और लोगो में हर्षो उल्लाश छा गया था  और इसी दिन महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस भी था इन सब कारणों से हम सभी दीपावली का पर्व मनाते है। Diwali Essay In Hindi For Child    

Diwali Essay In Hindi

         यह त्यौहार लगभग सभी धर्म के लोग धूम धाम से मनाते है। दिवाली के आने से पहले कही लोग इसकी तैयारियां करना शुरू करदेते है अपने अपने घर की सजावट और लिपाई पुताई करना शुरू कर देते है। लोग नए नए कपडे खरीदना शुरू करदेते है। फूलजड़ी और पटाखे खरीदना ,रंगोली का सामान ,मोमबत्तिया खरीदना शुरू कर देते है। इन दिनों में सूर्यास्त के बाद  लक्ष्मी पूजन भी होता है कहते है की इन दिनों लक्ष्मी पूजन और गणेश पूजन करेने से स्वास्थ्य ,धन ,सुखसम्पति बढ़ती है ।दिवाली के दिनों में बाजार की हर दुकानों को लाइटिंग और फूलो से सजाया जाता है ताकि वो  दिखने में रोचक लगे। दिवाली के दो तीन दिन पहले बाजार में बड़ी भीड होती है। Essay On Diwali In Hindi For Class 6,7,8

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दीपोत्सव मनाने की तैयारियां:- लोग अपने घरो को साफ करके दिवाली से पहले रोशनी से सजाते है। दिवाली के इन पांच दिनों में सभी के घर में अलग अलग मिठाई और कही खाध्य व्यंजन बनते है। सभी लोग दिवाली पर नए नए कपडे पहनते है साथ ही एक दूसरे को मिठाई और उपहार देते है। दिवाली ही एक ऐसा त्यौहार होता है जब हम अपने करीबी और प्रिय लोगो से मिलते है एक दूसरे  जाते है और अपने रिस्तो को मजबूत बनाते है। दिवाली के दिन बच्चे नए कपडे पहनकर शेरी में निकल जाते है और अपने दोस्तों के साथ पटाखे जलाते है और मन प्रफुल्लीत करते है।

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       दिवाली के पांच दिन होते है यह धन तेरस से शुरू होता है इन सभी दिनों का एक खास महत्व् होता है । धनतेरस के दिन सभी लोग धन की पूजा करते है यानि की माता लक्ष्मी की पूजा आराधना करते है। दूसरे दिन काली चौदस मनाई जाती है। इस दिन सभी लोग माँ काली की पूजा करते है नैवेध भी करते है और उसके बाद दिवाली आती है। दीवालीके दिन सभी लोग नए कपडे पहनते है और पटाखे जलाते है और रत को दिप प्रज्वलित करते है और दिवाली के दूसरे दिन नया साल मनाया जाता है और भीर भाई दूज आता है। भाई दूज के दिन के दिन भाई अपनी बहन के घर जाता है और बहन भाई को तिलक करती है और मुँह मीठा कराती है ताकि ताकि भाई दुनिया की बुरी चीजों से बहन की रक्षा कर सके। दिवाली पर निबंध (Diwali Essay In Hindi)   


दिवाली पर निबंध


दिवाली उत्सव :-  दिवाली के पर्व का एक खास रोचक तथ्य है कहा जाता है की दिवाली के पर्व को बुराई पर अच्छे की जित का प्रतिक माना  जाता है। दीपावली का त्यौहार मात्र दिप जलाना और पटाखे फोड़ना नहीं है मेने पहले भी कहा है की दिवाली का कोई अपना ही महत्त्व है दिप जलाने का मतलब केवल अँधेरे को दूर करना नहीं है बल्कि इन दियो को देखकर हमारा मन प्रफुल्लित हो जाता है। गर की सफाई करते है लिपाई पुताई करते है और हम हमारे गर की गंदकी को दूर करते है और हम इस गंदकी से बीमार नहीं होते है। दिवाली की रात को साल बर की सबसे अँधेरी रात मानी जाती है और इस अँधेरे को दूर करने के लिए हम दीपावली के दिन हम दिप जलाते है। दीपावली का त्यौहार खुशिया लेकर आता है  भाईचारे का संदेश भी देता है इसी पर्व पर हम एक दूसरे के घर पे जाते है और पकवान और मिठाई बाटते है और इन सब के साथ साथ खुशिया भी बाटते है। Diwali Essay In Hindi

 दिवाली पर निबंध 

Diwali Essay In Hindi - DIPAWALI PAR NIBANDH

      दीपावली के पर्व पर में यह सन्देश देना चाहता हु की दीपावली के दिन फटाखे भी फोड़े जाते है मगर इन पटाखों से वायु प्रदुषण भी होता है और ध्वनि प्रदुषण भी होता है और ये स्वाथ्य के लिए हानिकारक होता है इसीलिए हमें ऐसे फटाखे नहीं फोड़ने चाहिए की इसकी सीधी असर हमारे स्वाथ्य पर पड़े हमें सावचेत रहना चाहिए। दिवाली के पर्व पर ऑफिसो, स्कूलों ,सरकारी दफ्तरों  में छुट्टी होती है और यर सब लोग अपने काम काज को छोड़ कर दीपावली का आनंद लेते है कुछ लोग इस पर्व की छुट्टी पर गुमने फिरने जाते है और मौज मस्ती करते है कुछ लोग धार्मिक स्थान पर जाते है और भक्ति भाव से यात्रा करते है और प्रभु के दर्शन करते है और कुछ लोग मौज शोख के लिए गुमने जाते है इस दिनों में स्कूल में भी छुट्टिया चल रही होती है तो बच्चे भी अपने अपने  मामा के घर या रिस्तेदार के घर छुट्टिया मनाने जाते है। छुट्टिया मिलने के कारण बच्चे बहोत खुस हो जाते है. दिवाली पर निबंध

उपसंहार:- दिवाली का त्योहार सभी त्योहारों से बड़ा त्यौहार होता है यह साल में एक बार आता है और भारत में ही नहीं बल्कि भारत के बहार भी कही  लोग दिवाली का पर्व बड़ी धूम धाम से मनाते है। भारत में सभी त्योहारों में से दिवाली को बड़ा महत्व दिया जाता है। दिवाली के 5 दिनों में सब लोग मौज शोख करते है और जैसे मेने ऊपर कहा पटाखे या बम जलाके वायु या ध्वनि प्रदूषण करना चाहिए नहीं। हमे पर्यावरण प्रदुषण से बचना होगा  हमारी स्वाथ्य और दुसरो के स्वाथ्य का ध्यान रखना चाहिए। 

Wednesday, February 5, 2020

Raksha Bandhan Essay in hindi - रक्षा बंधन पर निबंध
Raksha Bandhan Essay in hindi  सभी धोरण 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 के लिए लिखा गया है आप इस  रक्षा बंधन पर निबंध को अपने अभ्यास और परीक्षा में उपयोग में ले सकते है।


Raksha Bandhan Essay in hindi - रक्षा बंधन पर निबंध


       रक्षाबंधन हिन्दुओ में भी बहेन के लिए प्रेम का प्रतीक है।रक्षाबंधन हिन्दू जाती का पूर्व त्योहार माना जाता है। रक्षाबंधन प्राचीन काल से मनाया जाता है। इस दिन को बहेन भी के हाथ पर राखी बांधती है उसके बदलेमें एक छोटे से तोहफे के रूप में अपना प्यार देता है। इस दिन भाई आने बहन की रक्षा करने का वचन देता हैं। यह रखी का त्योहार प्राचीन युग से सम्पूर्ण भारत देश मे मनाया जाता है। आज के युग मे बहन अपने भाई के गर रखी और पेड़े,हलवा,गुड़ से बनी वनगिया लेकर जाती है और राखी बांधती है। रक्षा बंधन पर निबंध


 रक्षा बंधन पर निबंध


     रक्षाबंधन को जब बहेन रखी बांधती है तब भाई कुछ तोहफे या फिर पैसे देता है अपनी बहन को । इस दिन को पूरे परिवार में खुशियां होती है। भाई बहन एकसाथ कुछ खुशी के पल बिताते हैं और उन्हें याद के रूप में रखते है। ओर आप का भाई या बहन है तो सुअभाग्य की बात है लेकिन किसी को बहेन या भाई नही होता है तो वह किसी भी आस पास के लोग से भाई बहन का रिश्ता जोड़ते है और इनके साथ रक्षाबंधन मानते है। वेसे ही यह त्योहार परिवार में भी बहन के लिये बहूत ही पूर्व त्योहार माना जाता है। Raksha Bandhan Essay in hindi


रक्षाबंधन का इतिहास


    भारत देश के सभी त्योहार प्राचीन काल के कोई ना कोई घटना पर आधारित है। बहादुर नामक राजा ने सन 1535 में मेवाड़ की रानी कर्णावती पर आक्रमण कर दिया था तभी मुगल के बादशाह हिमायुने उनकी मदद करने का संकेत देने के लिए रखी भेजी थी। कर्णावती वीर योद्धा थी और बहादुर का सामना करने खुद मैदान में चली गयी थी लेकिन हिमायु का साथ भी उसे जीता न सका। रक्षाबंधन का यह त्योहार कब और कैसे चल रहा है कोई भी पुतान में नही लिखा लेकिन जब देव और दानवों में महायुद्ध चल रहा था तब देव पर दांव हावी होने लग गए तब इंद्रदेव गभराकर ब्रम्हदेव के पास गए टैब इंद्र की पत्नी इंद्राणी ने रेसम का धागा उनकी कलाई पर कुछ अनोखे मंत्रो ओर सूत्रों से बंधा ओर विजयी होकर लौटे तब लोगो में एक विस्वास हो गया कि उन्ही दागे की वजह से इंद्र विजयी हुऐ है और खास बात इस दिन श्रावण पूर्णिमा थी और इस दिन से हर श्रावण पूर्णिमा को यह धागा बांधने की प्रथा चल रही है । रक्षा बंधन पर निबंध


रक्षा बंधन पर निबंध


Raksha Bandhan Essay in hindi 


        ऐसे ही प्राचीन काल की अन्य कथा में कृष्ण और द्रोपदी की कथा प्रचलित है। जिसमे युद्ध के दौरान कृष्ण की उंगली काट गयी थी और द्रोपदी ने एक धागा अपनी साड़ी से निकलकर कृष्ण की उंगली पर बांधा था तब द्रोपदी ओर कोई भी संकट कृष्ण नही आने देते थे और हमेशा उनकी रक्षा करते थे। वेसे ही भी बहन जैसा ऑयर इस धागे में है। जिसे आप रक्षाबंधन के नाम से मनाते है। Raksha Bandhan Essay in hindi


रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है ?

        
     रक्षाबंधन में बहेन भी के लिए रखी लेकर आती है और भाई की कलाई पर बांधती है। ओर भी किसी उपहार के रूप में पैसे या कोई गिफ्ट अपनी बहन को देता है। और इस दिन बहन भाई के साथ कुछ यादगार पल बिताते हैं। शालाओ में ओर प्राथमिक संस्था में रक्षाबंधन को मनाया जाता है। इस दिन भी बहन और पूरे परिवार को मिठाईया खिलाई जताई है। और इस पर्व को मानाया जाता है। paragraph on raksha bandhan


उपसंहार

        रक्षाबंधन का त्योहार एक ऐसा त्योहार है जो बहेन भाई के प्यार को एक अनोखा रुओ देता है। यह त्योहार से परिवार में खुशियां आती है और परिवार के अंदरूनी रिस्ता बना रहता है। ऐसे त्योहार को मानते रहिए ओर रक्षाबधं पर अपने भाई बहन को प्यार से गिफ्ट दीजिए।

Saturday, February 1, 2020

महाशिवरात्रि पर निबंध - Essay On Mahashivratri
Essay On Mahashivratri को सभी छात्र 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 के लिए लिखा गया है।  महाशिवरात्रि पर निबंध को आप नए आने वाली परीक्षा में उपयोग में ले सकते है।


महाशिवरात्रि पर निबंध - Essay On Mahashivratri in Hindi


भारत अनेक धार्मिक तहवारो से भरा देश है।महाशिवरात्रि भारत का एक मात्र धार्मिक त्योहार है। जो भगवान शिव के जमन्दिन पर मनाया जाता है। शिवजी हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता है। महाशिवरात्रि कृष्णपक्ष की चतुर्थी को दिन पर मनाया जाता है। जो भी भक्त शिवजी को मानते है वह लोग इस दिन को उपवास रख कर भगवान शिव की पूजा आराधना करते है। भगवान शिव के जमन्दिन को एक महाउत्सव की तरह उनकर भक्त मनाते है। महाशिवरात्रि पर निबंध


महाशिवरात्रि पर निबंध - Essay On Mahashivratri


भगवान शिव तेतीस करोड़ देवी-देवताओमे प्रमुख देव माने जाते है।भक्तो का कहना है कि शिवजी की पूजा व्यर्थ नही जाती है। पुराणों के अनुसार भगवान शिव के 100 से भी ज्यादा नाम है लेकिन इसमें से कई अधिक नाम भोलेनाथ,जटाधारी,शिव,पशुपति,पर्वतिनाथ जैसे कई नमो से भक्त पूजा करते है।mahashivratri nibandh


शिवरात्रि नाम कैसे पड़ा ?


पुराणों ओर कथाओ के अनुसार भगवान संकर पशुप्रेमी थे। शिव पुराणों के अनुसार भगवान शिव 6 महीने तक कैलाश पर्वत पर तपस्या ओर तप किया करते थे । इस 6 महीने में सभी जीवजंतु एवं कीड़े मकोड़ो को भी उनकी तपस्या में मस्त कर देते थे और वह भी अपने बिलो में मस्त रहते थे। उसके तपस्या के के बाद वह फिर 6 महीने कैलाश पर्वत से उत्तर कर समसान गाठ में निवास करते थे और वह दिन कृष्ण एकादशी होती है । और इसी दिन को महाशिवरात्रि नाम से जाना जाता है। इसी कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि को शिवरात्रि के दिन से मनाया जाता है।Essay On Mahashivratri in Hindi


शिवरात्रि का महत्व ?


भारत मे शिवरात्रि का महत्व बहुत है। इस दिन शिव मंदिरों में शिवजीकी मूर्तियो को स्नान करवाया जाता है और सुगन्दीदा फूलो ओर मालाओ से सजाया जाता है। इस दिन शिव के भक्त पूरा दिन उपवास रखते है और सिर्फ दूध और फल का ही सेवन करते है। अपनी सुविधा और परिस्थिति के अनुसार शिव मंदिरों में फूल ओर दूध लेकर जाते है और भगवान शिव की प्रतिमा को दूध से श्रधांजलि देते है और फल को प्रसाद के रूप में लेते है। इस दिन भगवान शिव के वाहन नंदी की भी पूजा अर्चना की जाती है और माना जाता है कि इस करने से बड़ा ही पूण्य प्राप्त होता है। भगवान शिव ने गंगा नदी को मनुष्य के उद्धार के लिए अपनी जटा में से निकल कर पृथ्वीलोक पर छोडी थी इस दिन को गंगा स्नान करने से भी पूण्य प्राप्त होता है। महाशिवरात्रि पर निबंध


महाशिवरात्रि त्योहार की कथा !


चित्रभानु नामक एक शिकारी था और वह पूरा दिन सीकर कर कर अपना गुजरान ओर परिवार चला रहा था लेकिन वह साहूकार नामक एक राजा का कर्जदार था। बहुत कर्ज हो जाने से वह टाइम पर कर्ज नही चुका सका और साहूकार ने एक दिन गुस्से में आकर चित्रभानु को बंधी बना लिया । उसको पुरादिन एक कमरे में कैद करकर रख गया वह पर वो शिवरात्रि के पूजा कैसे करे और उनका क्या फल है बैठे बैठे वह पर सुनता रहा और उसने साहूकार से कहा कि वह कल ही कैसे भी करके उनका कर्ज चुका देगा । साहूकार ने एक निमित समय देकर उसे छोड़ दिया तभी वह जंगल मे शिकार के लिए निकल गया पूरे दिन एक ही कमरे में रहने की वजह से उसे बहुत ही भूख और प्यास लगी थी ।


Essay On Mahashivratri


 उसने पूरी रात जंगल मे ही बिताने का सोचा ओर वह एक बिलपत्र के पेड़ पर चढ़ गया उसे नही पता था कि नीचे शिवलिंग है। जो कि बिलपत्र के पान के नीचे है। तभी थोड़ी देर बाद एक हिरणी आयी और चित्रभानु ने उस पर निशाना ताना तभी हिरनी बोली कि में गर्भवती हु मुझे छोड़ दीजिए । डेटा खाकर उसने अपना निशाना वापस लिया उसकी वजह से बिलपत्र के कुछ पत्ते जाकर शिवलिंग पर पड़े । वह भूख था और उसने शिवलिंग पर बिलपत्र डाले तो उसकी शिवरात्रि की पहेली पूजा सम्पन्न हुई और सुरुआत हुई । थोड़ी देर के बाद एक ओर हिरण (mahashivratri nibandh) आया और फिरसे उसने निशाना उस हिरण पर लगाया तब हिरनी बोली के वह मेरे पति है उस पर दैत्य खाकर उसने निशाना वापस लिया और फिर से बिलपत्र के कुछ पान शिवलिंग पर जा गिरे। पूरे दिन से भूख रहने की वजह से शिवरात्रि का पूजन भी हो गया और जागरण भी तो उसने शिवरात्रि का रीतिरिवाज रूप पूजन किया । 

भगवान शिव ने उसके जीवन को मोक्ष के लिए यमराज को भेज ओर जब उसे यमलोक लेजाया रहा था पहले उसे कैलाश पर्वत पर लेजाया गया । ओर शिवजी ने कहा कि तूने शिवलिंग की पूजा की है इसीलिए तुझे ऐसे जिवन से मोक्ष मिल गया है । और तुझे यह अगले जन्म में याद रहेगा और तुम इस दिन को पूजा अर्चना करोगे।


उपसंहार

जैसे कि भगवान शिव ने अनजाने में किया व्रत का भी रन चुकाया वेसे ही अगर इस फिन की सही तरह की पूजा अर्चना की जाए तो भगवान शिव जरूर ही प्रसन्न होंगे और कुछ अच्छा करेंगे।प्राचीन कथाओ अनुसार यह दिन शिवभक्तों के लिए बहुत ही मूल्यवान है। इसी तरह से सभी शिवजी की पूजा महाशिवरात्रि के दिन करते है। वेसे ही हमे इस दिन दयाभक्ति से उस दिन को मनाना है और शिव के उस दिन के रात्रि को शिवरात्रि कहते है ।

Sunday, January 26, 2020

होली पर हिन्दी निबंध | Holi Essay In Hindi
होली पर हिन्दी निबंध सभी क्लास के बच्चो के लिए हिंदी में लिखा गया है। Holi Essay In Hindi को सभी छात्रों के विधार्थी परीक्षा में तयारी के लिए ले सकते है।


होली पर हिन्दी निबंध  


  होली रंगो का एक भारतीय त्यौहार है। होली का पर्व दिवाली के बाद का सबसे  त्यौहार माना जाता है।  होली त्यौहार का होली नाम "होलिका" पर से उतर कर आया था। होलिका पर्व फाल्गुनी पूर्णिमा को कृष्ण प्रतिपदा में मनाया जाता है। भारतीय सभी पर्व कोई न कोई प्राचीन घटना के ऊपर आधारित है।  होली का  दोस्त को दोस्त से परिवार को परिवार से रंगो के साथ जोड़ता है और उनके जीवन में रंगो का आगमन करता है। होली के पीछे कई घटना इ घटी है जो सतयुग में बहुत वर्षो पहले की है। होली पर हिन्दी निबंध



होली पर हिन्दी निबंध | Holi Essay In Hindi


   आर्यव्रत राज्य में हिरण्यकश्यप नमक राजा था। इस राजा को ब्रह्मदेव की और से कुछ विशेष शक्ति मिली हुई थी। इसीलिए वो अपने आपको ही भगवान् मान रहा था।  वह अपने सम्पूर्ण राज्य को डराता था और उनसे खुदकी पूजा करवाता था। इस राजा का प्रह्लाद नामक पुत्र था। उसको एक ऋषि ने रामनाम जप करने को बोलै था।  ऋषि की यह बात मन कर प्रह्लाद "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" का जप कर रहा था। यह बात उनके पिता हिरण्यकश्यप को भयभीत करने लगी , की जबी उनका ही पुत्र उनकी पूजा नहीं कर रहा है।  तभी हिरण्यकश्यप ने निर्णय लिया की वह प्रहलाद को पर देगा। Holi Par Nibandh Hindi

   हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने की बहुत ही कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हुआ।  तभी उनके मन में विचार आया होलिका के बारेमे होलिका को भगवन संकर की तरफ से एक ऐसा वस्त्र मिला था की अगर वो उसे पहनकर कोई भी आग में जाये तो वस्त्र के कारन उसे कुछ भी नहीं होगा।  इस बात को हिरण्यकायप ने फायदा उठाते हुए "होलिका" से मदद मागि।  दोनों ने प्रहलाद को मारने का षड़यंत्र रचा। होली पर हिन्दी निबंध

   और होलिका हिरण्यकश्यप के कहने पर प्रह्लाद को जलते आग में लेकर बेथ गयी।  लेकिन भगवन विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाफ की रक्षा करने के लिए तेज़ तूफान लाये और होलिका के सरीर से वह जादुई वस्त्र को उदा कर तूफान की जपत में ले लिया। और होलिका जल गयी लेकिन प्रहलाफ को कुछ होने नहीं दिया। तब से इस दिन को होली के नाम से मनाया जाता है। सतयुग के इस प्राचीन घटना को होली के त्यौहार के रूप से मनाया जाता है। यह एक बुराई पर अच्छाई की घटना है। Holi Par Nibandh Hindi

   होली के इस फाल्गुनी मास को फसल पाक जाती है और किसान भी होली को धाम धूम से मनाते है। बच्चो को इस त्यौहार का बड़ा ही मजा आता है क्युकी यह रंगो का एक धार्मिक त्यौहार है।  इस दिन को रिस्तेदार दोस्त और सभी सबंधी अपने लड़ाई-जगडे भूल कर एक साथ इस त्यौहार को मानते है।  घरो में मिठाई और गुंजिया बनायीं जाती है और आस पास के सभी लोग मिल बाटकर कहते है। भारत के सभी जगहों पर होली मनाई जाती है लेकिन भ्रज की होली और मथुरा वृन्दावन की होली की बात ही अलग है।  यहाँ पर होली सबसे ज्यादा और बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है। होली पर हिन्दी निबंध

   यह होली का पर्व और शिलशिला सालो से चल रहा है। कहने के लिए तो होली एक हिन्दू धर्म का त्यौहार है लेकिन भारत में सभी जातिओ वाले लोग इस त्यौहार को मनाते है और होली का आंनद लेते है। लेकिन आज कल इस त्यौहार को मानाने का रिवाज ही अलग हो गया है। बहुत ही केमिकल से भरे रंगो का प्रयोग किया जाता है।  और गुब्बारे रंगो से भरे होते है इनसे होली मनाई जाती है।


Holi Essay In Hindi


होली रंगों का एक भारतीय त्योहार है। होली को दीवाली के बाद का त्योहार माना जाता है। होली त्योहार का नाम "होलिका" से पड़ा। होलिका उत्सव फाल्गुनी पूर्णिमा को कृष्ण प्रतिपदा को मनाया जाता है। सभी भारतीय त्योहार किसी प्राचीन घटना पर आधारित हैं। होली दोस्त को परिवार से परिवार में जोड़ता है और रंगो उनके जीवन में आता है। सतयुग में कई साल पहले हुई होली के पीछे कई घटनाएं हुई हैं।Holi Essay In Hindi

हिरण्यकश्यप आर्यव्रत साम्राज्य में नमक राजा था। इस राजा के पास ब्रह्मदेव की कुछ विशेष शक्ति थी। इसलिए वह खुद को भगवान मान रहा था। वह अपने पूरे राज्य को भयभीत करता था और उसे स्वयं पूजा करता था। इस राजा का एक पुत्र था जिसका नाम प्रह्लाद था। एक ऋषि ने उन्हें रामनाम का जाप करने के लिए कहा। प्रह्लाद ऋषि के वचन सुनकर "ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः" का जाप कर रहे थे। यह बात उसके पिता हिरण्यकश्यप को डर लगने लगी, जबकि उसका अपना पुत्र उसकी पूजा नहीं कर रहा है। तब हिरण्यकश्यप ने फैसला किया कि वह प्रह्लाद को दे देगा।


Holi Essay In Hindi


हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को मारने की बहुत कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हुआ। तब उन्हें होलिका के बारे में विचार आया, होलिका को भगवान हाइब्रिड से ऐसा कपड़ा मिला था कि अगर वह इसे पहनकर आग में चली जाती है, तो कपड़े के कारण उसे कुछ नहीं होगा। इसका लाभ उठाते हुए, हिरण्यकश्यप ने "होलिका" से मदद मांगी। दोनों ने प्रह्लाद को मारने की साजिश रची।Holi Essay In Hindi

और होलिका हिरण्यकश्यप के कहने पर प्रह्लाद को जलती हुई आग के पास ले गई। लेकिन भगवान विष्णु अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए एक मजबूत तूफान लाए, और होलिका के शरीर से वह जादुई वस्त्र लेकर तूफान में ले गए। और होलिका जल गई लेकिन प्रहलाद को कुछ नहीं करने दिया। तब से इस दिन को होली के रूप में मनाया जाता है। सतयुग की इस प्राचीन घटना को होली के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की घटना है।

होली के इस फाल्गुनी महीने पर फसल पकती है और किसान भी बहुत धूमधाम और शो के साथ होली मनाते हैं। बच्चे इस त्योहार का बहुत आनंद लेते हैं क्योंकि यह रंगों का धार्मिक त्योहार है। इस दिन, दोस्तों और सभी रिश्तेदारों, अपनी लड़ाई को भूलकर इस त्योहार को एक साथ मनाते हैं। मिठाई और गुंजा घरों में बनाई जाती है और आसपास के सभी लोगों को मिल कहा जाता है। होली भारत के सभी स्थानों में मनाई जाती है, लेकिन भोज की होली और मथुरा वृंदावन की होली की बात ही अलग है। होली यहाँ सबसे अधिक और बहुत भव्य रूप से मनाई जाती है।Holi Par Nibandh Hindi

यह होली का त्यौहार और शिलाशिला सालों से चल रहा है। कहने को तो होली हिंदू धर्म का त्योहार है, लेकिन भारत में सभी जातियों के लोग इस त्योहार को मनाते हैं और होली का आनंद लेते हैं। लेकिन आजकल इस त्यौहार को मनाने का रिवाज कुछ अलग ही रहा है। बहुत रासायनिक भरे हुए रंगों का उपयोग किया जाता है। और गुब्बारे रंगों से भरे होते हैं, उनके साथ होली मनाई जाती है।Holi Essay In Hindi

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